पीएम फसल बीमा योजना: फसल कटाई प्रयोगों को लेकर कार्मिकों को दिया प्रशिक्षण
जयपुर/10 सितंबर 2026।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन में होने वाले फसल कटाई प्रयोगों को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए सवाई माधोपुर में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि एवं राजस्व विभाग से जुड़े कार्मिकों को फसल कटाई प्रयोग की वैज्ञानिक प्रक्रिया और ऑनलाइन रिकॉर्डिंग की जानकारी दी गई।
फूल उत्कृष्टता केन्द्र, सवाई माधोपुर के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित प्रशिक्षण जिला कलक्टर काना राम के निर्देशानुसार हुआ। इसमें तहसील सवाई माधोपुर क्षेत्र के संबंधित कार्मिकों ने भाग लिया।
फसल उपज का वैज्ञानिक तरीके से होगा आकलन
प्रशिक्षण में कृषि विभाग के सहायक निदेशक सांख्यिकी डॉ. श्यामबिहारी मथुरिया ने बताया कि फसल कटाई प्रयोगों के जरिए खेत स्तर पर वास्तविक फसल उपज का आकलन किया जाता है। इन आंकड़ों का उपयोग फसल उत्पादन के अनुमान के साथ-साथ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों के बीमा दावों के निर्धारण में भी किया जाता है।
उन्होंने कार्मिकों को प्रयोग के लिए खेत के चयन, तय क्षेत्रफल में फसल कटाई, उपज का वजन करने और रिकॉर्ड में आवश्यक जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई।
मोबाइल ऐप से दर्ज होगा पूरा रिकॉर्ड
एनएसएसओ कोटा के कंसल्टेंट ओमप्रकाश गुप्ता ने फसल कटाई प्रयोग के लिए अपनाई जाने वाली वैज्ञानिक पद्धति और निर्धारित मानकों की जानकारी दी। वहीं सहायक सांख्यिकी अधिकारी सतीश कुमार बैरवा ने ऑनलाइन फसल कटाई प्रयोग की प्रक्रिया का प्रस्तुतीकरण किया।
प्रशिक्षण के दौरान CCE और GCES मोबाइल ऐप के माध्यम से आंकड़े दर्ज करने, आवश्यक फोटो एवं अन्य विवरण अपलोड करने तथा तय समय सीमा में प्रयोग पूरा करने की प्रक्रिया भी बताई गई।
मौके पर कराया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
सीसीई ऐप मास्टर ट्रेनर एवं सहायक कृषि अधिकारी विजय जैन ने प्रशिक्षणार्थियों को मौके पर फसल कटाई प्रयोग करने की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फसल कटाई, उपज के वजन और रिकॉर्ड तैयार करने के दौरान निर्धारित मापदंडों का पालन करना जरूरी है।
अधिकारियों ने कहा कि फसल कटाई प्रयोग में किसी भी स्तर पर हुई छोटी गलती आंकड़ों की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है। इसलिए प्रत्येक प्रयोग निर्धारित प्रक्रिया और विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाना आवश्यक है।
सटीक आंकड़े मिलने से फसल उत्पादन का बेहतर आकलन करने के साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को मिलने वाले बीमा लाभ के निर्धारण में भी पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण के आयोजन एवं समन्वय में जिला कलेक्ट्रेट की भू-अभिलेख शाखा के पटवारी उमेश कुमार मित्तल और अतिरिक्त ऑफिस कानूनगो पीताम्बर गर्ग भी उपस्थित रहे।
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